Mutual Fund Tips & Risk | Mutual Fund Sahi Hai

 Mutual Fund Tips & Risk | Mutual Fund Sahi Hai

म्युच्युअल फंड टिप्स

परिचय  

 जोख़िम का फिर, तात्पर्य अस्थिरता से है- बाज़ार की उतार-चढ़ाव की गतिविधि और व्यक्तिगत समस्याएं जो किसी समय अवधि में लगातार होती रहती हैं. यह अस्थिरता कई कारणों से आती है - ब्याज दर परिवर्तन, मुद्रस्फीति या सामान्य आर्थिक स्थिति. यही वह अस्थिरता है, अनिश्चितता और हानि की संभावना, जिसके कारण निवेशकों को चिंता होती है. 

हम सभी को ऐसी संभावना का डर होता है कि जिस स्टॉक में हमने निवेश किया है वह बहुत गिर जाएगा. लेकिन यही वह अधिक अस्थिरता होती है जो इन निवेशों से बचत खाते की तुलना में उच्च लंबी अवधि लाभ देती हैं. 


विभिन्न प्रकार के म्युचूअल फंड की विभिन्न स्तर की अस्थिरता या संभवित मूल्य होता है, और ऐसे फंड जिनके मूल्य कम होने की संभावना होती है वे फंड भी समय के साथ आपको अच्छा लाभ दे सकते हैं.

 इसलिए जोख़िम के दो पहलू होते हैं: जिनके कारण आपके निवेश का मूल्य बढ़ता-गिरता है, लेकिन स्वाभाविक है कि आप उच्च लाभ कमाने की उम्मीद रख सकते हैं. यह हर निवेशक को ध्यान में रखना सहायता पूर्ण होगा कि सभी वित्तीय निवेशों में उतार-चढ़ाव होता है. उनमें बहुत ही कम पूरी तरह से सुरक्षित होते हैं और ऐसे होते हैं जो लंबे समय में इतना भी लाभ नहीं देते हैं कि मुद्रास्फिति का सामना कर सकें.


जोख़िम के प्रकार   

सभी निवेशों में कुछ तरह का जोख़िम होता है. नीचे कुछ सामान्य जोख़िम उल्लेखित किए गए हैं. किसी निवेशक को निवेश करते समय संभवित प्रतिफल के विरुद्ध इनका आकलन अच्छी तरह से करना होगा.

बाज़ार जोख़िम  

 किसी समय पर, किसी विशेष बाज़ार में सभी प्रतिभूतियों की कीमत या प्राप्ति व्यापक बाहरी प्रभावों के कारण बढ़ या घट सकती है. जब ऐसा होता है, तो कोई उत्कृष्ठ, उच्च लाभदायक कंपनी और अनुभवहीन कॉर्पोरेशन दोनों ही प्रभावित हो सकते हैं. कीमतों में यह बदलाव "बाज़ार जोख़िम" के कारण होता है. कीमतों में यह बदलाव "बाज़ार जोख़िम" के कारण होता है.


मुद्रास्फीति जोख़िम

   कभी कभी "क्रय शक्ति में कमी" के रूप में भी संदर्भित किया जाता है. जब भी कभी मुद्रस्फिति आपके निवेश पर होने वाली आय से अधिक तेज़ बढ़ती है, तब वास्तव में खरीदने की क्षमता की कमी का जोख़िम होता है. मुद्रस्फिति जोख़िम तब भी होता है जब कीमतें, लाभ की तुलना में अधिक तेज़ी से बढ़ती है.


क्रेडिट जोख़िम   

संक्षेप में, निवेश करते समय किसी के द्वारा जिस कंपनी या संस्था को धन उधार दिया जाता है वह कंपनी कितनी स्थिर है? आपको कितना विश्वास है कि वह कंपनी आपको किए गए वादे के अनुसार ब्याज चुकाने के लिए सक्षम होगी, या निवेश के परिपक्व होने पर आपका मूलधन अदा करेगी? इसी को क्रेडिट जोख़िम कहते हैं


ब्याज दर जोख़िम   

ब्याज दर के बदलने से इक्विटी और बॉन्ड दोनों ही कई तरह से प्रभावित होते हैं. निवेशकों को यह स्मरण कराया जाता है कि दर किस तरह बढ़ेगी, इसका अनुमान लगाना कभी कभार ही सही निकलता है. निवेशकों को यह स्मरण कराया जाता है कि दर किस तरह बढ़ेगी, इसका अनुमान लगाना कभी कभार ही सही निकलता है.


विनिमय जोख़िम   

कई कंपनियां विदेशी मुद्रओं में राजस्व उत्पन्न करती है और हो सकता है कि उनके विदेशी मुद्रओं में नामित निवेश या व्यय भी हो. इसलिए विनिमय दरों में बदलाव का, ऐसी कंपनियो पर अच्छा या बुरा प्रभाव पड़ सकता है, जिसके कारण फंड के निवेश पर भी असर होगा.


निवेश जोख़िम  

 क्षेत्रीय फंड स्कीम में, किसी विशेष क्षेत्र की चुनिदां कंपनियों की इक्विटी में मुख्य रूप से निवेश किया जाएगा. तदानुसार, स्कीम की एनएवी ऐसी कंपनियों के इक्विटी प्रदर्शन से जुड़ी होती है और हो सकता है कि इक्विटी के किसी अधिक विविध पोर्टफ़ोलियो की तुलना में ये अधिक अस्थिर हो.

इसलिए इन्वेस्ट करते समय उसके बारे में पूरी जानकारी मालूम कीजिए और फिर सोचिए की इन्वेस्ट करना है या नहीं ।

तो दोस्तों ये थी म्यूचुअल फंड से जुड़ी टिप्स , और भी बिजनेस रिलेटेड जानकारी जानने के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो करें।

धन्यवाद...!!!

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